Constipation क्या है? (What is Constipation in Hindi)
Constipation को हिंदी में कब्ज कहा जाता है। यह एक आम पाचन समस्या है, जिसमें व्यक्ति को शौच ठीक से नहीं होता या मल कठोर और सूखा हो जाता है। Constipation पाचन तंत्र, विशेष रूप से बड़ी आंत (Large Intestine) को प्रभावित करती है। यह समस्या बच्चों, वयस्कों और बुजुर्गों सभी में आम है, खासकर गलत खानपान और जीवनशैली के कारण।
Constipation होने के कारण (Causes of Constipation in Hindi)
Constipation तब होती है जब आंतों की गति धीमी हो जाती है और मल लंबे समय तक आंत में रुक जाता है। इससे मल सख्त हो जाता है और शौच में परेशानी होती है।
इस बीमारी के होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
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Constipation के कारण: फाइबर की कमी वाला आहार
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पर्याप्त पानी न पीना
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लंबे समय तक बैठना
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शौच को बार-बार रोकना
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कुछ दवाइयों का साइड इफेक्ट
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अनुवांशिक या हार्मोनल कारण
Constipation के लक्षण (Symptoms of Constipation in Hindi)
Constipation के लक्षण हल्के से लेकर गंभीर तक हो सकते हैं। शुरुआत में इसे नजरअंदाज किया जाता है, लेकिन लंबे समय तक रहने पर यह दूसरी बीमारियों का कारण बन सकती है।
इस बीमारी में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:
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शुरुआती लक्षण: शौच में कठिनाई, मल का सख्त होना
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सामान्य लक्षण: पेट भारी रहना, गैस, दर्द
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गंभीर अवस्था के लक्षण: बवासीर, गुदा में दरार, खून आना
Constipation की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Constipation in Hindi)
अधिकांश मामलों में Constipation की पहचान मरीज के लक्षणों और आदतों से हो जाती है। गंभीर या लंबे समय तक कब्ज रहने पर डॉक्टर अतिरिक्त जांच की सलाह देते हैं।
डॉक्टर इस बीमारी की पुष्टि के लिए निम्न जांच कर सकते हैं:
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शारीरिक परीक्षण
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ब्लड टेस्ट (यदि आवश्यक हो)
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एक्स-रे / कोलोनोस्कोपी
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अन्य आवश्यक जांच
Constipation से बचाव (Prevention Tips of Constipation in Hindi)
Constipation से बचाव के लिए रोजमर्रा की जीवनशैली में बदलाव बेहद जरूरी है। सही खानपान और नियमित दिनचर्या से कब्ज को आसानी से रोका जा सकता है।
इस बीमारी से बचाव के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं:
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फाइबर युक्त आहार लें
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रोज 8–10 गिलास पानी पिएं
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नियमित व्यायाम करें
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शौच की आदत न रोकें
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तनाव से दूर रहें
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Constipation का इलाज (Treatment of Constipation in Hindi)
Constipation का इलाज इसकी अवधि और गंभीरता पर निर्भर करता है। ज्यादातर मामलों में दवाइयों की जरूरत नहीं पड़ती और जीवनशैली सुधार से ही राहत मिल जाती है।
इस बीमारी का इलाज शामिल करता है:
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हल्के जुलाब या दवाइयाँ
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डाइट और लाइफस्टाइल बदलाव
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गंभीर मामलों में विशेष थेरेपी
कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)
अगर Constipation लंबे समय तक बनी रहे या इसके साथ तेज दर्द, वजन कम होना या खून आना शुरू हो जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।
तुरंत डॉक्टर से सलाह लें यदि:
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लक्षण कई हफ्तों तक बने रहें
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दर्द या समस्या बढ़ती जाए
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घरेलू उपाय काम न करें
📞 हमारे अनुभवी डॉक्टर से आज ही संपर्क करें और सही इलाज पाएं।
Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Constipation)
Q1. क्या रोज कब्ज होना सामान्य है?
नहीं, लगातार कब्ज किसी समस्या का संकेत हो सकती है।
Q2. Constipation में कौन-सा फल फायदेमंद है?
पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद फायदेमंद होते हैं।
Q3. क्या Constipation से बवासीर हो सकती है?
हाँ, लंबे समय तक कब्ज रहने से बवासीर हो सकती है।
Q4. Constipation किसकी कमी से होता है?
कब्ज मुख्य रूप से आहार में फाइबर (रेशेदार भोजन) और पानी की कमी, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट के कारण होता है, जिससे मल सख्त और निकलने में मुश्किल हो जाता है. विटामिन B1, B12, और C की कमी भी कब्ज का कारण बन सकती है, क्योंकि ये पाचन क्रिया के लिए ज़रूरी होते हैं
Q5. Constipation में क्या न खाएं?
कब्ज (Constipation) होने पर मसालेदार, तला हुआ, और प्रोसेस्ड फ़ूड (जैसे चिप्स, फ़्रेंच फ्राइज़, कुकीज़), डेयरी उत्पाद, शराब और कम फाइबर वाले खाने से परहेज करना चाहिए
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।




