Age related muscular degeneration क्या है? (What is Age related muscular degeneration in Hindi)

Age related muscular degeneration, जिसे मेडिकल भाषा में Age-related Macular Degeneration (AMD) कहा जाता है, आंखों की एक उम्र से जुड़ी बीमारी है। इसमें आंख की रेटिना (Retina) के बीच वाले हिस्से मैक्युला (Macula) को नुकसान पहुंचता है, जिससे धीरे-धीरे देखने की क्षमता कम होने लगती है।

यह बीमारी मुख्य रूप से आंखों (Eyes / Retina) को प्रभावित करती है। यह 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में ज्यादा पाई जाती है और दुनिया भर में बुजुर्गों में दृष्टि कमजोर होने का एक प्रमुख कारण मानी जाती है।


Age related muscular degeneration होने के कारण (Causes of Age related muscular degeneration in Hindi)

Age related muscular degeneration का मुख्य कारण उम्र बढ़ने के साथ आंखों की कोशिकाओं का कमजोर होना है। इसके अलावा जीवनशैली, पोषण की कमी और कुछ मेडिकल स्थितियां भी इस बीमारी के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।

इस बीमारी के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • उम्र बढ़ना (Age Factor) – सबसे बड़ा कारण

  • आंखों की रेटिना में बदलाव (Retinal Damage)

  • जीवनशैली से जुड़े कारण – धूम्रपान, खराब डाइट

  • अनुवांशिक कारण (Genetic Factors)

  • हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज


Age related muscular degeneration के लक्षण (Symptoms of Age related muscular degeneration in Hindi)

इस बीमारी के लक्षण धीरे-धीरे विकसित होते हैं और शुरुआत में हल्के हो सकते हैं। समय पर पहचान न होने पर देखने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है।

इस बीमारी में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:

🔹 शुरुआती लक्षण

  • पढ़ने में परेशानी

  • धुंधला दिखना

🔹 सामान्य लक्षण

  • सीधी रेखाएं टेढ़ी दिखना

  • रोशनी में देखने में कठिनाई

🔹 गंभीर अवस्था के लक्षण

  • बीच का दृश्य (Central Vision) कमजोर होना

  • चेहरों को पहचानने में दिक्कत


Age related muscular degeneration की जांच कैसे होती है? (Diagnosis in Hindi)

इस बीमारी की जांच आंखों के विशेषज्ञ द्वारा की जाती है। शुरुआती जांच से दृष्टि को बिगड़ने से रोका जा सकता है।

डॉक्टर निम्न जांच कर सकते हैं:

  • आंखों की जांच (Eye Examination)

  • रेटिना स्कैन (OCT Test)

  • विजन टेस्ट

  • फंडस फोटोग्राफी


Age related muscular degeneration से बचाव (Prevention Tips in Hindi)

हालांकि उम्र को रोका नहीं जा सकता, लेकिन सही आदतों से इस बीमारी के जोखिम को कम किया जा सकता है।

Age related muscular degeneration से बचाव के उपाय:

  • हरी सब्जियां और पोषक आहार लें

  • धूम्रपान से दूरी रखें

  • नियमित आंखों की जांच

  • धूप में सनग्लास का उपयोग

  • ब्लड प्रेशर और शुगर कंट्रोल रखें

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Age related muscular degeneration का इलाज (Treatment in Hindi)

इस बीमारी का इलाज इसके प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है। इलाज का उद्देश्य बीमारी की प्रगति को धीमा करना होता है।

इलाज में शामिल हो सकता है:

  • दवाइयों / इंजेक्शन द्वारा इलाज

  • विटामिन और सप्लीमेंट्स

  • लाइफस्टाइल बदलाव

  • लेजर या अन्य थेरेपी (कुछ मामलों में)


कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)

यदि आपकी आंखों की रोशनी धीरे-धीरे कम हो रही है या सीधी चीजें टेढ़ी दिखने लगें, तो देरी न करें। समय पर इलाज दृष्टि बचाने में मदद कर सकता है।

तुरंत डॉक्टर से सलाह लें यदि:

  • धुंधलापन बढ़ता जाए

  • पढ़ने या देखने में परेशानी हो

  • लक्षण लंबे समय तक बने रहें

  • घरेलू उपाय असर न करें

📞 हमारे अनुभवी डॉक्टर से आज ही संपर्क करें और सही इलाज पाएं।

Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China

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Age related muscular degeneration से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है?
नहीं, लेकिन सही इलाज से इसकी गति धीमी की जा सकती है।

Q2. क्या यह अंधेपन का कारण बन सकती है?
गंभीर मामलों में दृष्टि काफी कमजोर हो सकती है, लेकिन पूर्ण अंधापन दुर्लभ है।

Q3. क्या यह दोनों आंखों को प्रभावित करती है?
हां, समय के साथ दोनों आंखें प्रभावित हो सकती हैं।

Q4. क्या डाइट से फर्क पड़ता है?
हां, एंटीऑक्सीडेंट-युक्त डाइट आंखों के लिए फायदेमंद होती है।

Q5. मैक्युलर डिजनरेशन कितने प्रकार के होते हैं?
मैकुलर डिजनरेशन दो प्रकार का होता है—ड्राई (या नॉन-एक्सुडेटिव) एएमडी और वेट (या एक्सुडेटिव) एएमडी।


Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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