Allergic Rhinitis क्या है? (What is Allergic Rhinitis in Hindi)

Allergic rhinitis एक आम एलर्जी से जुड़ी बीमारी है, जिसमें नाक की अंदरूनी झिल्ली (nasal lining) सूज जाती है। यह तब होता है जब शरीर धूल, परागकण, धुआं या पालतू जानवरों के बाल जैसे एलर्जन पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया करता है।

यह बीमारी मुख्य रूप से नाक, साइनस और श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है। बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण के कारण Allergic rhinitis बहुत आम समस्या बन चुकी है, जो बच्चों और बड़ों—दोनों को प्रभावित करती है।


Allergic Rhinitis होने के कारण (Causes of Allergic Rhinitis in Hindi)

Allergic rhinitis के कारण शरीर की इम्यून सिस्टम की असामान्य प्रतिक्रिया से जुड़े होते हैं। जब कोई एलर्जन नाक के संपर्क में आता है, तो शरीर हिस्टामिन छोड़ता है, जिससे छींक, नाक बहना और खुजली जैसे लक्षण पैदा होते हैं।

Allergic rhinitis के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • Allergic rhinitis के कारण: धूल और परागकण

  • प्रदूषण और धुआं

  • पालतू जानवरों के बाल

  • फंगल संक्रमण (फफूंद)

  • मौसम में अचानक बदलाव

  • अनुवांशिक / एलर्जी से जुड़ी मेडिकल वजहें


Allergic Rhinitis के लक्षण (Symptoms of Allergic Rhinitis in Hindi)

Allergic rhinitis के लक्षण अक्सर सुबह के समय या मौसम बदलते वक्त ज्यादा दिखाई देते हैं। ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें तो रोजमर्रा की जिंदगी को प्रभावित कर सकते हैं।

इस बीमारी में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:

  • शुरुआती लक्षण: बार-बार छींक आना, नाक में खुजली

  • सामान्य लक्षण: नाक बहना, नाक बंद होना

  • गंभीर अवस्था के लक्षण: सिरदर्द, साइनस इंफेक्शन, नींद में परेशानी


Allergic Rhinitis की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Allergic Rhinitis in Hindi)

Allergic rhinitis की जांच मरीज के लक्षणों और एलर्जी हिस्ट्री के आधार पर की जाती है। कुछ मामलों में एलर्जन की पहचान के लिए विशेष टेस्ट की जरूरत पड़ती है।

डॉक्टर इस बीमारी की पुष्टि के लिए निम्न जांच कर सकते हैं:

  • शारीरिक परीक्षण

  • एलर्जी स्किन टेस्ट

  • ब्लड टेस्ट (IgE लेवल)

  • साइनस या नाक की जांच

  • अन्य आवश्यक जांच


Allergic Rhinitis से बचाव (Prevention Tips of Allergic Rhinitis in Hindi)

Allergic rhinitis से बचाव के लिए एलर्जन से दूरी बनाना सबसे जरूरी है। सही आदतें अपनाकर इसके लक्षणों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

Allergic rhinitis से बचाव के लिए ये उपाय अपनाएं:

  • धूल-मिट्टी और प्रदूषण से बचें

  • मास्क का उपयोग करें

  • घर को साफ और हवादार रखें

  • धूम्रपान से दूरी रखें

  • समय-समय पर एलर्जी जांच कराएं


Allergic Rhinitis का इलाज (Treatment of Allergic Rhinitis in Hindi)

Allergic rhinitis का इलाज लक्षणों की गंभीरता पर निर्भर करता है। सही इलाज से एलर्जी को नियंत्रित किया जा सकता है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर होती है।

इलाज के विकल्प:

  • दवाइयों द्वारा इलाज (एंटी-हिस्टामिन, नेजल स्प्रे)

  • एलर्जन से बचाव और लाइफस्टाइल बदलाव

  • स्टीम इनहेलेशन

  • गंभीर मामलों में इम्यूनोथेरेपी (डॉक्टर की सलाह से)

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कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)

अगर नाक बंद रहना, छींक या एलर्जी लंबे समय तक बनी रहे और दवाओं से आराम न मिले, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:

  • लक्षण कई हफ्तों तक बने रहें

  • साइनस दर्द या सिरदर्द बढ़ जाए

  • नींद और सांस लेने में परेशानी हो

📞 हमारे अनुभवी डॉक्टर से आज ही संपर्क करें और सही इलाज पाएं।

Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Allergic Rhinitis)

Q1. क्या Allergic rhinitis पूरी तरह ठीक हो सकती है?
यह पूरी तरह ठीक नहीं होती, लेकिन सही इलाज से नियंत्रित की जा सकती है।

Q2. क्या मौसम बदलने से Allergic rhinitis बढ़ती है?
हां, मौसम परिवर्तन इसका बड़ा ट्रिगर है।

Q3. क्या Allergic rhinitis संक्रामक है?
नहीं, यह एलर्जी है, संक्रमण नहीं।

Q4. एलर्जी राइनाइटिस कितने समय तक रहता है?
एलर्जिक राइनाइटिस कितने दिनों तक रहता है? एलर्जिक राइनाइटिस के लक्षणों की अवधि काफी भिन्न हो सकती है और यह एलर्जेन के प्रकार, व्यक्ति की संवेदनशीलता और पर्यावरणीय परिस्थितियों पर निर्भर करती है। मौसमी एलर्जी यह कई सप्ताह या महीनों तक रह सकता है, बशर्ते कि ट्रिगर करने वाला एलर्जेन पर्यावरण में बना रहे

Q5. एलर्जी राइनाइटिस में किन खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए?
एलर्जिक राइनाइटिस के मरीज़ों को ठंडे या एलर्जी पैदा करने वाले खाद्य पदार्थों जैसे झींगा, केकड़ा, घोंघे, स्क्विड और समुद्री खीरा से बचना चाहिए। ये खाद्य पदार्थ लक्षणों को और बिगाड़ सकते हैं। वसायुक्त मांस भी रोगियों में गले में तकलीफ पैदा कर सकता है। चिकन की तासीर ठंडी होती है, जिससे एलर्जी के लक्षण और भी बढ़ सकते हैं।


Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी दवा या इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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