Epilepsy क्या है? (What is Epilepsy in Hindi)
Epilepsy (मिर्गी) एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को बार-बार दौरे (Seizures) पड़ते हैं। यह समस्या दिमाग की विद्युत गतिविधि (Electrical Activity) में असामान्यता के कारण होती है। Epilepsy मुख्य रूप से मस्तिष्क (Brain) को प्रभावित करती है।
यह बीमारी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी भी उम्र में हो सकती है और दुनिया भर में यह एक आम न्यूरोलॉजिकल समस्या मानी जाती है। सही इलाज से Epilepsy को अच्छी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
Epilepsy होने के कारण (Causes of Epilepsy in Hindi)
Epilepsy होने के कई कारण हो सकते हैं। कुछ मामलों में इसका सटीक कारण पता नहीं चलता, जबकि कई बार दिमाग को हुई चोट या जन्म से जुड़ी समस्याएँ इसकी वजह बनती हैं।
Epilepsy के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
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Epilepsy के कारण: दिमाग की विद्युत गतिविधि में गड़बड़ी
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जन्म के समय दिमाग को नुकसान
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सिर में गंभीर चोट
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ब्रेन ट्यूमर या स्ट्रोक
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तेज बुखार के दौरे (बचपन में)
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अनुवांशिक (Genetic) कारण
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दिमागी संक्रमण (मेनिन्जाइटिस, एन्सेफलाइटिस)
Epilepsy के लक्षण (Symptoms of Epilepsy in Hindi)
Epilepsy के लक्षण दौरे के प्रकार पर निर्भर करते हैं। कुछ लोगों में हल्के लक्षण होते हैं, जबकि कुछ में तेज और स्पष्ट दौरे दिखाई देते हैं।
इस बीमारी में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:
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शुरुआती लक्षण: अजीब-सी अनुभूति, आंखों का झपकना
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सामान्य लक्षण: बेहोशी, शरीर में झटके, मुंह से झाग
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गंभीर अवस्था के लक्षण: सांस लेने में दिक्कत, लंबे समय तक बेहोशी
Epilepsy की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Epilepsy in Hindi)
Epilepsy की सही पहचान के लिए दिमाग की गतिविधियों की जांच की जाती है। सही निदान से इलाज को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉक्टर निम्न जांच कर सकते हैं:
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शारीरिक और न्यूरोलॉजिकल परीक्षण
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EEG (Electroencephalogram)
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CT Scan या MRI
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ब्लड टेस्ट
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मेडिकल हिस्ट्री की समीक्षा
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Epilepsy से बचाव (Prevention Tips of Epilepsy in Hindi)
हर प्रकार की Epilepsy से पूरी तरह बचाव संभव नहीं है, लेकिन कुछ उपाय अपनाकर इसके जोखिम और दौरों की आवृत्ति को कम किया जा सकता है।
Epilepsy से बचाव के उपाय:
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सिर की चोट से बचाव करें
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नियमित और पूरी नींद लें
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शराब और नशे से दूरी रखें
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तनाव को नियंत्रित करें
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दवाइयाँ समय पर लें
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नियमित मेडिकल जांच कराएं
Epilepsy का इलाज (Treatment of Epilepsy in Hindi)
Epilepsy का इलाज इसकी गंभीरता और दौरे के प्रकार पर निर्भर करता है। अधिकतर मरीज सही इलाज से सामान्य जीवन जी सकते हैं।
इलाज के तरीके:
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एंटी-एपिलेप्टिक दवाइयाँ
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लाइफस्टाइल में बदलाव
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विशेष डाइट (Ketogenic Diet)
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गंभीर मामलों में सर्जरी या थेरेपी
कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)
यदि किसी व्यक्ति को पहली बार दौरा पड़े या दौरे बार-बार आने लगें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
इन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करें:
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दौरे लंबे समय तक बने रहें
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दौरे की तीव्रता बढ़ जाए
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दवाइयों से आराम न मिले
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दौरे के बाद होश देर से आए
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Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Epilepsy)
Q1. क्या Epilepsy पूरी तरह ठीक हो सकती है?
कुछ मामलों में हाँ, जबकि अधिकतर मामलों में इसे नियंत्रित किया जाता है।
Q2. क्या Epilepsy छूने से फैलती है?
नहीं, यह संक्रामक बीमारी नहीं है।
Q3. Epilepsy के मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं?
हाँ, सही इलाज और सावधानी से पूरी तरह सामान्य जीवन संभव है।
Q4. Epilepsy कितने साल चलती है?
मिर्गी कितने समय तक चलती है, यह हर व्यक्ति और उसके मिर्गी के प्रकार पर निर्भर करता है;कुछ बच्चों की मिर्गी किशोरावस्था में ठीक हो जाती है, जबकि कुछ को जीवन भर दवा लेनी पड़ती है
Q5. Epilepsy के दौरे में क्या नहीं खाना चाहिए?
Epilepsy से पीड़ित बच्चों को, जो कीटोजेनिक आहार का पालन करते हैं, कार्बोहाइड्रेट से परहेज़ करना चाहिए और ज़्यादा वसायुक्त आहार पर ध्यान देना चाहिए।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।




