Gastritis क्या है? (What is Gastritis in Hindi)

Gastritis एक पाचन संबंधी बीमारी है, जिसमें पेट की अंदरूनी परत (Stomach Lining) में सूजन आ जाती है। यह सूजन अचानक (Acute Gastritis) या लंबे समय तक (Chronic Gastritis) रह सकती है। Gastritis मुख्य रूप से पेट को प्रभावित करती है और यह समस्या काफी आम है, खासकर उन लोगों में जिनकी खानपान और जीवनशैली अनियमित होती है।


Gastritis होने के कारण (Causes of Gastritis in Hindi)

Gastritis तब होती है जब पेट की अंदरूनी परत कमजोर हो जाती है और एसिड से उसे नुकसान पहुँचने लगता है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं, जिनमें खानपान, दवाइयाँ और संक्रमण शामिल हैं।

इस बीमारी के होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • Gastritis के कारण: अधिक मसालेदार, तैलीय भोजन

  • लंबे समय तक खाली पेट रहना

  • दर्द निवारक दवाइयों (Painkillers) का अधिक सेवन

  • शराब और धूम्रपान

  • H. pylori बैक्टीरिया संक्रमण

  • अनुवांशिक या ऑटोइम्यून कारण


Gastritis के लक्षण (Symptoms of Gastritis in Hindi)

Gastritis के लक्षण व्यक्ति और बीमारी की गंभीरता के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। कई बार हल्के लक्षण होते हैं, जबकि कुछ मामलों में गंभीर परेशानी भी हो सकती है।

इस बीमारी में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:

  • शुरुआती लक्षण: पेट में जलन, अपच

  • सामान्य लक्षण: पेट दर्द, गैस, उलटी या मितली

  • गंभीर अवस्था के लक्षण: उल्टी में खून, काला मल, तेज दर्द


Gastritis की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Gastritis in Hindi)

Gastritis की पहचान मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री के आधार पर की जाती है। गंभीर या लंबे समय तक समस्या रहने पर डॉक्टर विशेष जांच की सलाह देते हैं।

डॉक्टर इस बीमारी की पुष्टि के लिए निम्न जांच कर सकते हैं:

  • शारीरिक परीक्षण

  • ब्लड टेस्ट

  • एंडोस्कोपी

  • H. pylori टेस्ट

  • अन्य आवश्यक जांच


Gastritis से बचाव (Prevention Tips of Gastritis in Hindi)

Gastritis से बचाव के लिए पेट को नुकसान पहुँचाने वाली आदतों से बचना बहुत जरूरी है। सही दिनचर्या और संतुलित आहार से इस बीमारी के खतरे को कम किया जा सकता है।

इस बीमारी से बचाव के लिए निम्न उपाय अपनाए जा सकते हैं:

  • हल्का, सुपाच्य भोजन करें

  • समय पर और थोड़े-थोड़े अंतराल में भोजन लें

  • शराब और धूम्रपान से दूरी

  • नियमित व्यायाम करें

  • तनाव कम रखें


Gastritis का इलाज (Treatment of Gastritis in Hindi)

Gastritis का इलाज इसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है। अधिकतर मामलों में सही दवाइयों और जीवनशैली सुधार से राहत मिल जाती है।

इस बीमारी का इलाज इसकी गंभीरता पर निर्भर करता है:

  • एसिड कम करने वाली दवाइयाँ

  • एंटीबायोटिक्स (यदि संक्रमण हो)

  • लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव

  • गंभीर मामलों में विशेष थेरेपी

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कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)

अगर Gastritis के लक्षण लंबे समय तक बने रहें या दर्द बढ़ता जाए, तो डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। समय पर इलाज से जटिलताओं से बचा जा सकता है।

तुरंत डॉक्टर से सलाह लें यदि:

  • लक्षण कई दिनों तक बने रहें

  • पेट दर्द या जलन बढ़ती जाए

  • घरेलू उपाय काम न करें

📞 हमारे अनुभवी डॉक्टर से आज ही संपर्क करें और सही इलाज पाएं।

Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Gastritis)

Q1. क्या Gastritis अपने आप ठीक हो सकती है?
हल्की Gastritis सही खानपान से ठीक हो सकती है।

Q2. Gastritis और Hyperacidity में क्या अंतर है?
Hyperacidity में एसिड ज्यादा बनता है, जबकि Gastritis में पेट की परत में सूजन होती है।

Q3. Gastritis में क्या नहीं खाना चाहिए?
मसालेदार, तला हुआ और शराब से परहेज करना चाहिए।

Q4. Gastritis कितने दिन में ठीक होता है?
गैस्ट्राइटिस ठीक होने का समय इसके प्रकार पर निर्भर करता है; तीव्र (Acute) गैस्ट्राइटिस आमतौर पर कुछ दिनों से 1-2 हफ़्तों में ठीक हो जाता है, जबकि क्रोनिक (Chronic) गैस्ट्राइटिस, जो कि लंबे समय तक रहता है, के लिए हफ्तों या महीनों तक उपचार और जीवनशैली में बदलाव की ज़रूरत पड़ सकती है

Q5. Gastritis में क्या खाना चाहिए?
गैस्ट्राइटिस में क्या खाना चाहिए? उत्तर: हल्का भोजन, दलिया, खिचड़ी, नारियल पानी, केले और उबली सब्जियां। जीवनशैली में सुधार से बीमारी से निजात मिलता है।


Disclaimer (अस्वीकरण)

यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।

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