Gout क्या है? (What is Gout in Hindi)
Gout एक प्रकार का गठिया (Arthritis) है, जो शरीर में यूरिक एसिड (Uric Acid) का स्तर बढ़ने के कारण होता है। जब खून में यूरिक एसिड अधिक हो जाता है, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमने लगता है, जिससे तेज दर्द, सूजन और जलन होती है।
यह बीमारी मुख्य रूप से पैर के अंगूठे, टखने, घुटने और उंगलियों को प्रभावित करती है। Gout पुरुषों में अधिक और आमतौर पर 30–50 वर्ष की आयु में देखा जाता है।
Gout होने के कारण (Causes of Gout in Hindi)
Gout होने का मुख्य कारण शरीर में यूरिक एसिड का असंतुलन है। जब किडनी यूरिक एसिड को ठीक से बाहर नहीं निकाल पाती या इसका उत्पादन अधिक हो जाता है, तब यह समस्या उत्पन्न होती है। गलत खानपान और अस्वस्थ जीवनशैली इसके जोखिम को और बढ़ा देती है।
Gout के मुख्य कारण निम्नलिखित हो सकते हैं:
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Gout के कारण: यूरिक एसिड का बढ़ा हुआ स्तर
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अधिक मांस, सी-फूड और शराब का सेवन
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मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता
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किडनी से जुड़ी बीमारियाँ
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अनुवांशिक (Genetic) कारण
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कुछ दवाइयों का लंबे समय तक सेवन
Gout के लक्षण (Symptoms of Gout in Hindi)
Gout के लक्षण अक्सर अचानक शुरू होते हैं और रात के समय अधिक तीव्र हो सकते हैं। शुरुआत में मरीज को केवल एक जोड़ में तेज दर्द महसूस होता है, लेकिन समय पर इलाज न होने पर यह समस्या बार-बार हो सकती है।
इस बीमारी में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई देते हैं:
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शुरुआती लक्षण: अचानक तेज दर्द, खासकर पैर के अंगूठे में
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सामान्य लक्षण: सूजन, लालिमा, गर्माहट
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गंभीर अवस्था के लक्षण: जोड़ों की गति में कमी, लगातार दर्द
Gout की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Gout in Hindi)
Gout की जांच के लिए डॉक्टर मरीज के लक्षणों और मेडिकल हिस्ट्री का मूल्यांकन करते हैं। सही निदान जरूरी है ताकि इसे अन्य प्रकार के गठिया से अलग पहचाना जा सके।
डॉक्टर निम्न जांच कर सकते हैं:
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शारीरिक परीक्षण
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ब्लड टेस्ट (यूरिक एसिड लेवल)
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एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड
Gout से बचाव (Prevention Tips of Gout in Hindi)
Gout से बचाव के लिए जीवनशैली में सुधार सबसे महत्वपूर्ण है। सही खानपान और नियमित दिनचर्या अपनाकर इसके दौरे को काफी हद तक रोका जा सकता है।
Gout से बचाव के उपाय:
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कम प्यूरीन वाला आहार लें
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खूब पानी पिएं
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नियमित व्यायाम करें
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शराब और धूम्रपान से दूरी रखें
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समय-समय पर यूरिक एसिड की जांच कराएं
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Gout का इलाज (Treatment of Gout in Hindi)
Gout का इलाज इसकी गंभीरता और बार-बार होने वाले अटैक पर निर्भर करता है। सही उपचार से दर्द और सूजन को नियंत्रित किया जा सकता है।
इलाज के तरीके:
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दवाइयों द्वारा इलाज (Pain killers, Uric acid reducers)
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लाइफस्टाइल और डाइट में बदलाव
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गंभीर मामलों में विशेष थेरेपी
कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)
यदि Gout के लक्षण बार-बार दिखाई दें या दर्द असहनीय हो जाए, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना आवश्यक है। समय पर इलाज से जोड़ों को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
इन स्थितियों में डॉक्टर से संपर्क करें:
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लक्षण लंबे समय तक बने रहें
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दर्द और सूजन बढ़ती जाए
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Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Gout)
Q1. क्या Gout पूरी तरह ठीक हो सकता है?
नहीं, लेकिन सही इलाज और जीवनशैली से इसे पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
Q2. Gout किसे ज्यादा होता है?
पुरुषों, मोटापे से ग्रस्त लोगों और शराब पीने वालों में इसका खतरा अधिक होता है।
Q3. क्या Gout में दूध पी सकते हैं?
हाँ, लो-फैट डेयरी प्रोडक्ट्स फायदेमंद होते हैं।
Q4. Gout का पहला संकेत क्या था?
गाउट (Gout) का पहला और सबसे आम संकेत पैर के अंगूठे के जोड़ में अचानक, तेज दर्द और सूजन है, जो अक्सर रात में शुरू होता है और इतना तीव्र हो सकता है कि नींद खुल जाए; इसके साथ प्रभावित जोड़ में गर्मी, लालिमा और छूने पर अत्यधिक संवेदनशीलता भी महसूस होती है
Q5. Gout में क्या खाना चाहिए?
पानी : दिन में 8 से 12 कप पानी पिएं। प्रोटीन : फलियों और मेवों से प्राप्त वनस्पति-आधारित प्रोटीन का सेवन करें, या कम वसा वाला मांस, मुर्गी, मछली और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन करें।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।




