Hypertension क्या है? (What is Hypertension in Hindi)
Hypertension, जिसे हिंदी में उच्च रक्तचाप कहा जाता है, एक ऐसी स्थिति है जिसमें धमनियों में बहने वाले खून का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। यह समस्या मुख्य रूप से हृदय, दिमाग, किडनी और आंखों को प्रभावित करती है।
Hypertension एक आम लेकिन गंभीर बीमारी है, जो अक्सर बिना लक्षणों के होती है। भारत में बड़ी संख्या में लोग Hypertension से पीड़ित हैं, इसलिए इसे “Silent Killer” भी कहा जाता है।
Hypertension होने के कारण (Causes of Hypertension in Hindi)
Hypertension कई कारणों से हो सकता है। यह समस्या जीवनशैली और मेडिकल कारणों दोनों से जुड़ी होती है। गलत खानपान, तनाव और शारीरिक निष्क्रियता Hypertension के खतरे को बढ़ा देती है। लंबे समय तक अनियंत्रित रहने पर यह गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
Hypertension के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
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अधिक नमक का सेवन (Hypertension के कारण में प्रमुख)
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मोटापा और शारीरिक गतिविधि की कमी
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मानसिक तनाव और चिंता
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धूम्रपान और शराब का सेवन
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अनुवांशिक / पारिवारिक इतिहास
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मधुमेह, किडनी रोग, हार्मोनल समस्याएं
Hypertension के लक्षण (Symptoms of Hypertension in Hindi)
Hypertension के लक्षण शुरू में स्पष्ट नहीं होते। कई लोगों को वर्षों तक पता ही नहीं चलता कि वे इस बीमारी से ग्रस्त हैं। जब रक्तचाप बहुत अधिक बढ़ जाता है, तब कुछ शारीरिक संकेत दिखाई देने लगते हैं।
Hypertension के लक्षण आमतौर पर ये हो सकते हैं:
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शुरुआती लक्षण: हल्का सिरदर्द, थकान
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सामान्य लक्षण: चक्कर आना, घबराहट, धड़कन तेज होना
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गंभीर लक्षण: सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, नजर धुंधली होना
Hypertension की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Hypertension in Hindi)
Hypertension की जांच आसान लेकिन बेहद जरूरी होती है। नियमित जांच से इस बीमारी को समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है। डॉक्टर कई बार अलग-अलग दिनों में ब्लड प्रेशर मापकर इसकी पुष्टि करते हैं।
Hypertension की जांच के लिए डॉक्टर ये टेस्ट कर सकते हैं:
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शारीरिक परीक्षण (BP Measurement)
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ब्लड टेस्ट और यूरिन टेस्ट
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ECG, ECHO
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किडनी और हृदय से संबंधित जांच
Hypertension से बचाव (Prevention Tips of Hypertension in Hindi)
Hypertension से बचाव संभव है, यदि सही जीवनशैली अपनाई जाए। छोटे-छोटे बदलाव इस बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। नियमित जांच और संतुलित दिनचर्या बहुत जरूरी है।
Hypertension से बचाव के उपाय:
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कम नमक और संतुलित आहार
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रोजाना व्यायाम और योग
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तनाव कम करना
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धूम्रपान और शराब से दूरी
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समय-समय पर BP जांच
Hypertension का इलाज (Treatment of Hypertension in Hindi)
Hypertension का इलाज इसकी गंभीरता और मरीज की स्थिति पर निर्भर करता है। अधिकतर मामलों में सही दवाइयों और जीवनशैली सुधार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
Hypertension का इलाज निम्न तरीकों से किया जाता है:
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दवाइयों द्वारा इलाज (BP control medicines)
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लाइफस्टाइल बदलाव (डाइट, एक्सरसाइज)
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गंभीर मामलों में विशेष थेरेपी
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कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)
यदि Hypertension के लक्षण लंबे समय तक बने रहें या BP लगातार बढ़ा हुआ आए, तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से हृदयाघात, स्ट्रोक और किडनी फेल होने का खतरा कम किया जा सकता है।
तुरंत डॉक्टर से सलाह लें यदि:
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लक्षण लंबे समय तक बने रहें
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सिरदर्द या सीने में दर्द बढ़ता जाए
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Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanama Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Hypertension)
Q1. Hypertension क्या पूरी तरह ठीक हो सकता है?
नहीं, लेकिन सही इलाज और जीवनशैली से इसे नियंत्रित किया जा सकता है।
Q2. Hypertension में क्या खाना चाहिए?
कम नमक, फल, सब्जियां और फाइबर युक्त भोजन लेना चाहिए।
Q3. क्या युवा लोगों को भी Hypertension हो सकता है?
हाँ, खराब जीवनशैली के कारण आजकल युवाओं में भी Hypertension बढ़ रहा है।
Q4. हाइपोटेंशन के कारण क्या होता है?
ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन, जिसे पोस्टुरल हाइपोटेंशन भी कहा जाता है । यह बैठने या लेटने के बाद खड़े होने पर रक्तचाप में अचानक गिरावट है। इसके कारणों में निर्जलीकरण, लंबे समय तक बिस्तर पर आराम, गर्भावस्था, कुछ चिकित्सीय स्थितियाँ और कुछ दवाएँ शामिल हैं। इस प्रकार का निम्न रक्तचाप वृद्ध वयस्कों में
Q5. हाइपोटेंशन कब इमरजेंसी है?
यदि आपको अत्यधिक निम्न रक्तचाप या सदमे के लक्षण हैं , तो 911 या अपने स्थानीय आपातकालीन नंबर पर कॉल करें। अधिकांश स्वास्थ्य पेशेवर रक्तचाप को तभी कम मानते हैं जब इससे लक्षण दिखाई देते हैं। समय-समय पर हल्का चक्कर आना या सिर हल्का महसूस होना कई कारणों से हो सकता है।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज या दवा शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।




