Kidney Disorder क्या है? (What is Kidney Disorder in Hindi)
Kidney disorder एक ऐसी स्थिति है जिसमें किडनी (गुर्दे) ठीक से काम नहीं कर पाते। किडनी का मुख्य काम खून को साफ करना, शरीर से विषैले पदार्थ निकालना और तरल संतुलन बनाए रखना होता है। Kidney disorder के कारण शरीर में गंदे तत्व जमा होने लगते हैं। यह बीमारी बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक किसी को भी हो सकती है और आजकल काफी आम होती जा रही है।
Kidney Disorder होने के कारण (Causes of Kidney Disorder in Hindi)
Kidney disorder के कारण जीवनशैली और मेडिकल समस्याओं से जुड़े हो सकते हैं। लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह गंभीर रूप ले सकता है।
Kidney disorder के मुख्य कारण:
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उच्च रक्तचाप और Diabetes (Kidney disorder के कारण)
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लंबे समय तक दवाइयों का अधिक सेवन
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कम पानी पीना और अस्वस्थ आहार
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अनुवांशिक या अन्य किडनी संबंधी बीमारियाँ
Kidney Disorder के लक्षण (Symptoms of Kidney Disorder in Hindi)
Kidney disorder के लक्षण शुरुआत में हल्के होते हैं, इसलिए अक्सर नजरअंदाज हो जाते हैं। समय के साथ ये लक्षण गंभीर हो सकते हैं।
आमतौर पर दिखने वाले लक्षण:
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शुरुआती लक्षण: थकान, पेशाब में बदलाव
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सामान्य लक्षण: सूजन, भूख कम लगना
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गंभीर अवस्था: सांस फूलना, पेशाब में खून
Kidney Disorder की जांच कैसे होती है? (Diagnosis of Kidney Disorder in Hindi)
Kidney disorder की सही पहचान के लिए डॉक्टर कई तरह की जांच करते हैं ताकि बीमारी की स्थिति और गंभीरता समझी जा सके।
जांच के तरीके:
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शारीरिक परीक्षण
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ब्लड और यूरिन टेस्ट
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अल्ट्रासाउंड, CT स्कैन
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अन्य आवश्यक मेडिकल जांच
Kidney Disorder से बचाव (Prevention Tips of Kidney Disorder in Hindi)
Kidney disorder से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली सबसे जरूरी है। समय पर सावधानी बरतने से किडनी को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
बचाव के उपाय:
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पर्याप्त मात्रा में पानी पीना
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संतुलित और कम नमक वाला आहार
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नियमित व्यायाम
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समय-समय पर किडनी जांच
Kidney Disorder का इलाज (Treatment of Kidney Disorder in Hindi)
Kidney disorder का इलाज बीमारी की अवस्था पर निर्भर करता है। शुरुआती चरण में दवाइयों और लाइफस्टाइल सुधार से नियंत्रण संभव है।
इलाज के विकल्प:
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दवाइयों द्वारा इलाज
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खान-पान और जीवनशैली में बदलाव
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डायलिसिस या सर्जरी (गंभीर मामलों में)
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कब डॉक्टर से संपर्क करें? (Consult With Our Doctor)
अगर Kidney disorder के लक्षण लंबे समय तक बने रहें या तेजी से बढ़ें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। समय पर इलाज से किडनी फेल होने के खतरे को कम किया जा सकता है।
डॉक्टर से संपर्क करें जब:
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लक्षण लगातार बने रहें
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सूजन या कमजोरी बढ़ती जाए
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Dr. Vipul Bhatt
B.A.M.S. (HAMC), D.N.I. (NIA, Jaipur)
Chief physician-Sandhanam Ayurveda.Dehradun U.K
Ex. Consultant: T. Ayurveda, Changchun, China,
Ex. Consultant : Dongshan ayurveda, Hainan, China
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs of Kidney Disorder)
Q1. Kidney disorder क्या पूरी तरह ठीक हो सकता है?
यह बीमारी पूरी तरह ठीक होना कठिन हो सकता है, लेकिन नियंत्रित की जा सकती है।
Q2. Kidney disorder की शुरुआती पहचान कैसे करें?
यूरिन टेस्ट और ब्लड टेस्ट से शुरुआती पहचान संभव है।
Q3. Kidney disorder में क्या परहेज करना चाहिए?
ज्यादा नमक, शराब और बिना सलाह दवाइयों से बचना चाहिए।
Q4. किडनी के दो सबसे आम रोग कौन से हैं?
गुर्दे की सबसे आम बीमारी क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) है। अन्य बीमारियों में एक्यूट किडनी इंजरी, पथरी, संक्रमण, सिस्ट और कैंसर शामिल हैं। गुर्दे शरीर से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त तरल पदार्थ को निकालने के लिए रक्त को छानने जैसे आवश्यक कार्य करते हैं।
Q5. आपको कैसे पता चलेगा कि आपकी किडनी ठीक है?
किडनी की बीमारी गंभीर अवस्था में पहुँचने तक आपको शायद पता ही न चले। स्वास्थ्य पेशेवर रक्त और मूत्र परीक्षणों के माध्यम से किडनी की बीमारी का पता लगा सकते हैं। इन परीक्षणों में रक्त में अपशिष्ट पदार्थों की उच्च मात्रा या मूत्र में प्रोटीन या रक्त की थोड़ी मात्रा जैसी असामान्य चीजों की जाँच की जाती है।
Disclaimer (अस्वीकरण)
यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।




